सूखा और बाढ़

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May 18, 2024 A case study of women-led climate resilient farming by Swayam Shikshan Prayog
Building the resilience of women farmers (Image: ICRISAT, Flcikr Commons)
April 25, 2024 Understanding the impact of heat on our world
Rising temperatures, rising risks (Image: Kim Kestler, publicdomainpictures.net)
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Droughts affect women the most (Image Source: Gaurav Bhosale via Wikimedia Commons)
January 22, 2024 This study finds that baseflows have a stronger triggering effect on river floods in Peninsular India as compared to rainfall and soil moisture.
River floods and groundwater, the connection. Image for representation purposes only. (Image Source: India Water Portal)
July 14, 2023 These states are at the forefront of flood early warning systems
Previously drought-prone areas are now facing floods (Image: Needpix)
July 7, 2023 WOTR study throws important new findings
The study by WOTR and Wageningen University researchers emphasizes the need to prioritize adaptive capacities alongside agricultural productivity (Image: WallpaperFlare)
बाढ़ मुक्ति अभियान के छठें प्रतिनिधि सम्मेलन की रपट
Posted on 29 May, 2017 04:05 PM


सभा स्थल: चन्द्रायण हाई स्कूल, जिला सहरसा (बिहार)
तारीख: (5 सितंबर 2009)


आज की कार्यवाही श्री गजेन्द्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई और उसका संचालन श्री चन्द्रशेखर ने किया। उद्घाटन भाषण श्री गजेन्द्र प्रसाद ‘हिमांशु’, पूर्व जल-संसाधन मंत्री, बिहार सरकार ने किया।

भुतही नदी और तकनीकी झाड़-फूंक
Posted on 28 May, 2017 01:07 PM

1. भुतही-बलान का परिचय

भुतही नदी
बाढ़ तो फिर भी आयेगी
Posted on 27 May, 2017 10:25 AM

पृष्ठभूमि:


बिहार की गिनती भारत के सर्वाधिक बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में होती है। राष्ट्रीय बाढ़ आयोग (1980) के अनुसार देश के कुल बाढ़-प्रवण क्षेत्र का 16.5 प्रतिशत हिस्सा बिहार में है जिस पर देश की कुल बाढ़ प्रभावित जनसंख्या की 22.1 प्रतिशत आबादी बसती है। इसका मतलब यह होता है कि अपेक्षाकृत कम क्षेत्र पर बाढ़ से ग्रस्त ज्यादा लोग बिहार में निवास करते हैं। 1987 की बाढ़ के बाद किये गये अनुमान के अनुसार यह पाया गया कि बाढ़-प्रवण क्षेत्र का प्रतिशत सारे देश के संदर्भ में बढ़कर 56.5 हो गया है और इसका अधिकांश भाग उत्तर बिहार में बढ़ता है जिसकी जनसंख्या 5.23 करोड़ (2001) है तथा क्षेत्रफल 54 लाख हेक्टेयर है। यहाँ की 76 प्रतिशत ज़मीन बाढ़ से प्रभावित है जबकि जनसंख्या घनत्व 1,000 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है।

आस्था, आपदा और पर्यटन
Posted on 16 May, 2017 04:36 PM
हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड में पर्यटन-तीर्थाटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन आज भी यहां आने वालों की बड़ा हिस्सा चार धाम यात्रा और कुम्भ क्षेत्र हरिद्वार तक ही सीमित है। जरूरत ठोस कार्ययोजना बनाकर काम करने की है।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास
Posted on 16 May, 2017 01:39 PM
जून, 2013 में आई प्राकृतिक आपदा में केदारनाथ धाम सहित राज्य के अनेक हिस्से में भारी तबाही मचाई थी। पुनर्वास और पुनर्निर्माण के ज़रिये राज्य इस आपदा से उबरने की कोशिश कर रहा है।
आपदा के आगे असहाय
Posted on 16 May, 2017 11:04 AM
सौ-सवा-सौ वर्षों के इतिहास को देखें तो उत्तराखंड को प्राकृतिक आपदाओं से जूझना पड़ा है। प्रकृति को छेड़ने और विकास के लिए उसके अति दोहन की प्रवृत्ति ने उत्तराखंड के जनजीवन को प्रभावित किया है। पलायन और गावों से लोगों के निकलने की एक बड़ी वजह आर्थिक दिक्कतों के साथ-साथ प्रकृति का प्रकोप भी रहा है।
नये कोटरा की नयी कोटरी
Posted on 02 May, 2017 10:33 AM
अनुवाद - संजय तिवारी
पहली जून की वह तपती दोपहरी थी। राजस्थान के सबसे गर्म जिलों में शामिल बाड़मेर में पारा 40 डिग्री के पार था। तिस पर रोजाना छह से आठ घंटे की बिजली कटौती। नये कोटरा में सब तपती गर्मी की मार झेल रहे थे लेकिन कुछ लोग ऐसे थे जिन्हें बाड़मेर में भी यह गर्मी परेशान नहीं कर रही थी। बाड़मेर के इस इलाके में मंगनियरों के घर दूसरे घरों के मुकाबले ज्यादा ठंडे थे। ऐसा नहीं था कि इन घरों में कूलर या पंखा लगा था। घरों की ठंडक के पीछे का राज घरों की डिजाइन में ही छिपा था। एक जैसे दिखने वाले इन 65 घरों को कुछ इस तरह से डिजाइन किया गया था कि वो गर्मी में ठंडे और सर्दी में अंदर से गर्म रहते हैं।
फरक्का हटाओ, बिहार बचाओ
Posted on 25 Apr, 2017 12:21 PM

फरक्का बराज के कारण गंगा का पेट गाद से लबालब भर गया है। जिसकी वजह से बिहार को प्रतिवर्ष ब

बाढ़ को विकराल हमने बनाया
Posted on 18 Apr, 2017 04:45 PM

गौरतलब है कि देश के सर्वोच्च अधिकारियों (आइएएस और आईपीएस) का प्रतिशत सबसे ज्यादा न सही, ल

बाढ़, सुखाड़ और आबादी
Posted on 18 Apr, 2017 12:42 PM

पूरी दुनिया में बाढ़, भूकम्प, सूखा आदि के कारण हर वर्ष मरने वाले लोगों की संख्या में तेजी

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