कपिल भट्ट

कपिल भट्ट
मीठे पानी की आस हुई पूरी
Posted on 27 Oct, 2012 04:50 PM
राजस्थान के भरतपुर जिले के लोगों को पीने का पर्याप्त मीठा पानी मयस्सर नहीं था। करीब 70 से 75 फीसदी आबादी खारा पानी पीने को विवश थी। जाहिर है, खारे पानी से उनकी प्यास बमुश्किल ही बुझती थी लेकिन चंबल-धौलापुर-भरतपुर वृहद पेयजल परियोजना ने काफी हद तक इस कमी को दूर किया है।

प्रस्तावित 599 गांवों में चंबल नदी के जल के वितरण के कार्य के लिए गांवों के क्लस्टर निर्माण के विस्तृत तखमीने बनाने का कार्य भी अलग से प्रारंभ किया जा रहा है। चंबल-धौलपुर-भरतपुर परियोजना की मुख्य ट्रांसमिशन पाइप लाइन से रूपवास में ऑफटीक देकर रूपवास तहसील के खारे पानी की समस्या से ग्रस्त 30 गांवों को चंबल नदी का जल उपलब्ध कराने की योजना की विस्तृत तकनीकी प्रस्ताव भी तैयार किए गए हैं। इन प्रस्तावों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति शीघ्र जारी कर कार्यों को प्रारंभ किया जाएगा। राजस्थान के भरतपुर जिले के लोगों की मीठे पानी पीने की आस अब पूरी हो रही है। भरतपुर शहर के बाशिंदों को अब मीठे पानी का स्वाद पता चला है। यहां के लोग अब तक खारा पानी पीने के लिए ही अभिशप्त थे। हालांकि साल 1970 से इस शहर को बांध बारेठा से मीठे पानी की आपूर्ति की जा रही थी लेकिन यह पानी इस शहर की मात्र 20-25 प्रतिशत आबादी की प्यास बुझा रहा थ। अब चंबल नदी का पानी भरतपुर पहुंचने से राजस्थान के इस ऐतिहासिक शहर की फिजां बहुत बदली-सी नजर आने लगी है।
धोरों की धरती पर हिमधारा
Posted on 29 Sep, 2012 04:16 PM
‘बाड़मेर लिफ्ट पेयजल परियोजना’ यानी ‘राजीव लिफ्ट पेयजल परियोजना’ से पहली बार जिले के लोगों का मीठा पा
औसत से 27 फीसदी कम बरसा है मानसून
Posted on 01 Aug, 2012 04:49 PM

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अक्षय ऊर्जा से उजाला
Posted on 05 Jun, 2012 10:37 AM

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प्राकृतिक भोजन और पानी की कमी के कारण यहां आने वाले हर प्रकार के पक्षियों की तादाद में भारी कमी आई है। अब यहां आ

गंदे पानी से बेरंग होता गुलाबी शहर
Posted on 27 Feb, 2012 12:49 PM

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hawa mahal jaipur
घना में रौनक तो है साइबेरियाई सारस नहीं
Posted on 13 Feb, 2012 10:35 AM

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चूल्हे पर चढ़ता चिंकारा
Posted on 16 Jan, 2012 01:59 PM

थार में रहने वाले ग्रामीण विशेषकर बिश्नोई जाति आज भी पेड़ों और वन्यजीवों की रक्षा के प्रति ग्र

मानसागर में फिर खिला जलमहल
Posted on 18 Dec, 2011 09:44 AM

मानसागर झील दुर्दशा की शिकार थी। चार नाले जयपुर शहर की गंदगी को इसमें बरसों से डाल रहे थे। लिह

अभ्यारण्य में भी नहीं अभय
Posted on 03 Dec, 2011 09:41 AM

सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पिछले वर्ष यहां पर बाघों की तादाद 31 मानी गई थी इस साल यहां 27 बाघ

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