पूजा सिंह

पूजा सिंह
नलगोंडा ने सीख लिया है फ्लोराइड के साथ जीना
Posted on 03 Jul, 2016 01:30 PM


फ्लोराइड से बुरी तरह प्रभावित नलगोंडा में सरकार सुरक्षित पेयजल मुहैया कराने में सफल रही है, लेकिन स्थानीय भूजल में फ्लोराइड का स्तर इतना अधिक है कि उससे पूरी निजात सम्भव नहीं। खेती के लिये भी यह चिन्ता का विषय बना हुआ है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक नव-निर्मित राज्य तेलंगाना की करीब 1200 बस्तियाँ फ्लोरोसिस की समस्या से ग्रस्त हैं। इसमें भी सबसे बुरी स्थिति नलगोंडा जिले की है।

जिले के 17 मण्डल फ्लोराइड की अधिकता के कारण फ्लोरोसिस से बुरी तरह जूझ रहे हैं। फ्लोरोसिस वह स्थिति है जो शरीर में फ्लोराइड की अधिकता से उत्पन्न होती है। यह फ्लोराइड पेयजल तथा अन्य माध्यमों से हमारे शरीर में जाता है। इसकी वजह से लोगों के शरीर में अस्थि विकृतियाँ तथा अन्य समस्याएँ उत्पन्न होने लगती हैं।

देश में पहली बार पानी राजनीति के केन्द्र में है - संजय सिंह
Posted on 26 Jun, 2016 04:29 PM

जल जन जोड़ो अभियान देश भर में जल संरक्षण की दिशा में व्यापक काम कर रहा है। अभियान के राष्ट्रीय संयोजक व समाजसेवी संजय सिंह से पूजा सिंह की बातचीत

बिना पानी सब सून
Posted on 21 Jun, 2016 04:52 PM


अत्यन्त सीमित सैम्पल के बावजूद यह पुस्तिका बुन्देलखण्ड के मौजूदा संकट के रहस्य उसी प्रकार पाठकों के समक्ष उजागर करती है जिस प्रकार हांडी का एक चावल पूरी हांडी की स्थिति बताती है।

पानी एक्सप्रेस से कब तक बुझेगी प्यास
Posted on 13 Jun, 2016 04:09 PM

लातूर का जल संकट मौसमी नहीं है। स्थानीय लोगों की मानें तो बार
दूर हो बड़े तालाब का अतिक्रमण - एनजीटी
Posted on 04 Jun, 2016 10:51 AM

बड़े तालाब के आसपास से सारा अवैध निर्माण हटाने के आदेश, बड़े पैमाने पर संरक्षण उपाय अपनाए जाएँ
.भोपाल। राष्ट्रीय हरित पंचाट (एनजीटी) का ताजा फैसला भोपाल की पहचान बड़ी झील के लिये बहुत बड़ी राहत लेकर आया है। एनजीटी ने भोपाल नगर निगम और जिला प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनकी अनदेखी के चलते ही बड़ी झील के आसपास इतने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हो गया है कि झील के अस्तित्त्व को ही खतरा उत्पन्न हो गया है।

पंचाट ने बड़े तालाब के जल भराव स्तर से 50 मीटर के दायरे में आने वाले सभी प्रकार के अतिक्रमण तत्काल हटाने के आदेश दिये हैं। इसके अलावा नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि वह इस पूरे क्षेत्र के अतिक्रमणों की सूची तैयार करके एनजीटी और जिलाधिकार कार्यालय के समक्ष प्रस्तुत करे। इस सूची का अध्ययन करने के बाद अवैध निर्माण को नोटिस देकर हटाया जाएगा।
हरियाली को बेरंग करती बिजली
Posted on 27 May, 2016 11:24 AM


बुन्देलखण्ड का गाँव ग्याजीतपुरा सूखे और मौसम से जीतने में कामयाब रहा लेकिन व्यवस्था के हाथों वह मजबूर है।

. मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की मोहनगढ़ तहसील की बहादुरपुरा पंचायत का गाँव ग्याजीतपुरा। पिछले काफी समय से जल संरक्षण के अपने निजी उपायों और पारम्परिक और नगदी फसलों के मिश्रण के जरिए लाभ की खेती के चलते खबरों में बना यह गाँव अब व्यवस्था की मार झेल रहा है। आप प्रकृति से जीत सकते हैं लेकिन सरकारी मशीनरी से आसानी से नहीं।

यह बात ग्याजीतपुरा के निवासियों से ज्यादा भला कौन समझेगा? सूखे को ठेंगा दिखाकर अपनी हरियाली से सूरज को मुँह चिढ़ा रहा यह गाँव बिजली विभाग के हाथों मजबूर हो गया है। महज तीन लाख रुपए के बकाये के चलते न केवल गाँव की बिजली काट दी गई है बल्कि यहाँ का ट्रांसफॉर्मर ही स्थायी रूप से हटा दिया गया है। नतीजा सिंचाई के लिये पानी की कमी और हरी-भरी फसलों के सूखने की शुरुआत।

गायब होती जीवनरेखा
Posted on 21 May, 2016 02:07 PM


रीवा जिले की जीवन रेखा कही जाने वाली बिछिया नदी बहुत बुरे दौर से गुजर रही है। आधी नदी के सूख जाने से लोगों ने उसे खेत बना डाला है जबकि बचे खुचे हिस्से पर जलकुम्भी ने कब्जा कर रखा है।

बीएमसी को एनजीटी की झाड़
Posted on 14 May, 2016 10:44 AM


भानपुर खंती मामले में भोपाल नगर निगम को एनजीटी की फटकार, कहा दो सप्ताह के अन्दर सभी स्थानीय जलस्रोत सील कर मुहैया कराए स्वच्छ पेयजल। शहर के कचरे के कारण जहरीला हो चुका है डेढ़ किमी दायरे का पानी

झिरियों, तालों के शहर में सूखे का कहर
Posted on 12 May, 2016 01:42 PM


मध्य प्रदेश का रीवा जिला जो कभी 6000 तालाबों से आबाद था, जिसके आसपास के गाँवों में तमाम प्राकृतिक जलस्रोत उपलब्ध थे, वह आज जल संकट का शिकार है।

.देश के तमाम अन्य हिस्सों की तरह ही मध्य प्रदेश का रीवा जिला और बघेलखण्ड के तहत आने वाला उसके आसपास का पूरा क्षेत्र इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रहा है।

हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि स्थानीय मऊगंज तहसील की आबादी और वहाँ के विधायक सुखेंद्र सिंह ने पानी को लेकर पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से उलझने तक की तैयारी कर ली है। उनका कहना है कि बाणसागर परियोजना से नहर के जरिए उत्तर प्रदेश जाने वाले पानी को तब तक जाने नहीं दिया जाएगा जब तक कि स्थानीय जरूरतें पूरी नहीं हो जातीं। उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो जनता नहर को तोड़ने तक से गुरेज नहीं करेगी। पानी की समस्या इंसानों, पशुओं और फसलों को समान रूप से कष्ट पहुँचा रही है।

फ्लोरोसिस से उबर कर आगे बढ़ा मंडला
Posted on 14 Apr, 2016 04:12 PM
Mandla moving on after successfully eliminating fluorosis

.मध्य प्रदेश का मंडला जिला वर्षों तक एक रहस्यमय बीमारी का शिकार रहा। स्थानीय मीडिया की अनभिज्ञता और सरकारी जागरुकता की कमी ही थी जिसके चलते एक चिकित्सकीय परेशानी या बीमारी को देवी-देवता, अन्धविश्वास और ऊपरी प्रकोप से जोड़कर देखा जाता रहा। हुआ यह कि 80 के दशक और उसके बाद अचानक मंडला जिले के कुछ खास इलाकों में लोगों के हाथ-पैर अचानक टेढ़े होने लगे, उनकी गर्दन नीचे को झुककर सख्त हो गई और लगभग गाँव-के-गाँव दाँतों के पीलेपन की बीमारी से पीड़ित हो गए।

यह समस्या दरअसल पेयजल में फ्लोराइड की अधिकता की वजह से उत्पन्न हुई थी। दिक्कत यह थी कि उस वक्त तक मंडला जिला देश के फ्लोराइड मानचित्र पर मौजूद तक नहीं था।
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