बाहे क्यों न असाढ़ यक बार।
अब क्यों बाहे बारम्बार।।
भावार्थ- यदि गेहूँ बोने वाले खेत को आषाढ़ मास में एक बार नहीं जोता तो बोते समय कई बार जोतने से कोई फायदा नहीं होता है।
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