घटने लगा है इटावा में जलस्तर, हाहाकार मचने के आसार

हालत यह है कि अभी तक शहर को हर रोज तकरीबन 30 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती थी लेकिन पानी की उपलब्धता कम होने से अब शहर में जलापूर्ति 28 एमएलडी कर दी गई है। अगर यही आलम रहा तो गर्मी बढ़ने के साथ पानी की आपूर्ति और कम की जा सकती है। लोगों की प्यास बुझाने के लिए शहर में तकरीबन 350 सबमर्सिबल पंप लगा रखे हैं जबकि दो हजार से अधिक सबमर्सिबल लोगों ने अपने आवासों में लगवा रखे हैं जो कि पानी की बर्बादी का मुख्य कारण बने हुए हैं।

गर्मी बढ़ते ही जहां पानी की खपत बढ़ने लगी वहीं जलस्तर नीचे खिसकने लगा है। लोगों द्वारा अपने नलों की टोटी बंद नहीं करने से हर रोज हजारों लीटर पानी यूं ही नालियों में बह रहा है। अगर पानी की बर्बादी को नहीं रोका गया तो निकट भविष्य में पीने के पानी के लिए भटकना पड़ सकता है।

बरसात के पानी को संग्रह नहीं किए जाने के दुष्परिणाम भीषण गर्मी के रूप में सामने आने लगे हैं। इसी के चलते हर साल जिले के हरेक गांव में जलस्तर नीचे चला जाता है। इटावा शहर में लोग पानी को बचाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। गलियों को धोने के साथ जानवरों को नहलाने में हर रोज हजारों लीटर पानी बहाया जा रहा है। नगर पालिका द्वारा कई बार पानी बचाने की अपील करने के बाद भी लोगों पर कोई असर नहीं हो रहा है। जिसके चलते पानी की उपलब्धता पर भी प्रश्न चिन्ह लगने लगे हैं।

हालत यह है कि अभी तक शहर को हर रोज तकरीबन 30 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती थी लेकिन पानी की उपलब्धता कम होने से अब शहर में जलापूर्ति 28 एमएलडी कर दी गई है। अगर यही आलम रहा तो गर्मी बढ़ने के साथ पानी की आपूर्ति और कम की जा सकती है। लोगों की प्यास बुझाने के लिए शहर में तकरीबन 350 सबमर्सिबल पंप लगा रखे हैं जबकि दो हजार से अधिक सबमर्सिबल लोगों ने अपने आवासों में लगवा रखे हैं जो कि पानी की बर्बादी का मुख्य कारण बने हुए हैं।

नगर पालिका द्वारा प्रदत्त सुविधाओं के क्रम में 930 हैंडपंप नगर पालिका द्वारा 1171 हैंडपंप जल निगम द्वारा 48 ट्यूबवेल नगर पालिका द्वारा 13 ओवरहेड टैंक नगर पालिका द्वारा, 350 सबमर्सिबल नगरपालिका द्वारा और तैयार हो रहे 24 ओवरहेड टैंक शासन द्वारा शहर की जलापूर्ति बढ़ाने के लिए 24 ओवरहेड टैंक बनाए जा रहे हैं। इनमें आठ टैंक लाइन पार व 24 टैंक लाइन आर में बन रहे हैं।

इटावा नगर पालिका परिषद के जलकल अभियंता श्रीराम यादव का कहना है कि शहर में इस समय 30 के सापेक्ष 28 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है। जलस्तर गिरने के जो संकेत मिल रहे हैं उससे अब 27 एमएलडी पानी ही मिल सकेगा। सभी लोगों को पानी बचाने की आदत डालनी चाहिए। दुकानदार मोहम्मद वहीद कहते हैं कि नगरपालिका को अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए। यह कोई बताने की बात नहीं है। गर्मी शुरू हों उससे पहले ही हैंडपंप दुरुस्त होने चाहिए।

शहर के मार्गों पर तमाम हैंडपंप लगे हैं। एसएसपी चौराहे से बलराम सिंह चौराहा और फिर नौरंगाबाद पुलिस चौकी की ओर बढ़े तो सड़क के किनारे हैंडपंप लगे मिल जाएंगे। कुछ एक हैंडपंप चलते मिलेंगे। ज्यादातर शोपीस बने हुए हैं। बलराम सिंह चौराहे पर बरगद के पेड़ के नीचे, कचहरी रोड पीएनबी के पास, कोआपरेटिव बैंक के पास, नौरंगाबाद ढाल पर लगे हैंडपंप खराब पड़ हुए हैं। शहर के अन्य मार्गों पर भी यही हाल है। रामगंज तिराहे का हैंडपंप सूखा पड़ा हुआ है।

स्टेशन रोड के दुकानदार जलीस अफजल कहते हैं कि पूरे रोड पर कही भी हैंडपंप नहीं हैं। ऐसे में यदि किसी को प्यास लगे तो पानी खरीद कर पीने के अलावा कोई चारा नहीं है। हरिओम दुबे कहते हैं कि गर्मी में लोग प्याऊ लगवाते हैं और नगर पालिका हैंडपंप तक दुरुस्त नहीं करा रही। यदि शहर के हैंडपंप ठीक हो जाएं तो राहत मिल सकती है। चंद्र प्रकाश दीक्षित के मुताबिक नगरपालिका के साथ सामाजिक संस्थाओं ने भी सार्वजनिक प्याऊ लगाने के कोई प्रयास नहीं किए। नगरपालिका को भी खराब हैंडपंप ठीक कराने चाहिए।

इटावा नगर पालिका परिषद के जलकल अभियंता एमएल सचान का कहना है कि खराब हैंडपंप की जो भी शिकायत आती है उसे तत्काल ठीक करा दिया जाता है। शहर में जो 930 हैंडपंप लगे हैं उनमें करीब 300 रिबोर होने हैं जो जलनिगम को करने हैं। अब हम जल्द ही जो हैंडपंप रिबोर होने हैं उन पर आर लिखवा देंगे जिससे दूर से देखने पर ही पता चल सके कि इसे रिबोर होना है।

Path Alias

/articles/ghatanae-lagaa-haai-itaavaa-maen-jalasatara-haahaakaara-macanae-kae-asaara

Post By: admin
×