डॉ. शुभ्रता मिश्रा

डॉ. शुभ्रता मिश्रा
पृथ्वी दिवस पर पृथ्वी के बदलते स्वरूपों की समीक्षा
Posted on 22 Apr, 2017 12:03 PM

पृथ्वी दिवस, 22 अप्रैल 2017 पर विशेष


सम्पूर्ण विश्व पृथ्वी और उसके पर्यावरण की सुरक्षा हेतु संकल्पबद्ध होकर पिछले 47 सालों से लगातार 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाता आ रहा है। 1970 में पहली बार पूरी दुनिया ने पृथ्वी दिवस का शुभारम्भ एक अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन के पर्यावरण संरक्षण के लिये किये गए प्रयासों को समर्थन देने के उद्देश्य से किया था। तब से जैसे यह एक विश्व परम्परा बन गई है और पृथ्वी दिवस ने हर देश के एक वार्षिक आयोजन का रूप ले लिया है। पर्यावरण की रक्षा के लिये भारत सहित कई देशों में कानून भी बनाए गए हैं, जिससे विभिन्न पर्यावरणीय असन्तुलनों पर काबू पाया जा सके।

लेकिन यथार्थ यह है कि पृथ्वी दिवस के सफल आयोजनों के बावजूद भी विश्व के औसत तामपान में हुई 1.5 डिग्री की वृद्धि, औद्योगिक उत्पादन के बढ़ने और अन्धाधुन्ध विकास कार्यों और पेट्रोल, डीजल तथा गैसों के अधिक इस्तेमाल के कारण कॉर्बन उत्सर्जन की बढ़ोत्तरी, ग्लेशियरों के पिघलाव और असन्तुलित भयंकर बाढ़ों और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं ने पृथ्वी का स्वरूप ही बदल दिया है।
ग्लोबल वार्मिंग
समुद्री हाइड्रोकार्बन, बैक्टीरिया और गैस हाइड्रेट्स विश्व ऊर्जा के भावी संकटमोचक
Posted on 16 Mar, 2017 10:57 AM

हाइड्रोकार्बन स्थल के साथ-साथ समुद्र में बहुतायत में पाये जाते हैं। समुद्र में उपस्थित हा

पानी व्यवस्था की प्रबन्धक भारतीय महिलाएँ
Posted on 06 Mar, 2017 10:54 AM

अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च 2017 पर विशेष


पानी की व्यवस्था में लगीं महिलाएँमार्च का पहला सप्ताह 8 मार्च को मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के चलते विश्व स्तर पर नारीमय होने लगता है। हमारे भारत में भी इस समय महिला सशक्तिकरण सप्ताह मनाया जा रहा है। वैसे हमारी भारतीय महिलाओं के लिये किसी ने बहुत पहले कहा था कि यदि प्रबन्धन सीखना हो तो किसी भारतीय पत्‍नी से सीखो।

यह बात सौ प्रतिशत सच भी है, क्योंकि भारत में स्त्रियाँ जन्मजात प्रबन्धक होती हैं। वैसे तो एक कुशल प्रबन्धन समाज के हित में व्यक्ति का विकास करता है, लेकिन किसी समाज की सबसे आधारभूत इकाई, परिवार, में प्रबन्धन उस घर की मुख्य महिला ही करती है, जो भारत में दादी, माँ या पत्नी हो सकती है। इनके अलावा परिवार में जो अन्य महिला सदस्य होती हैं, वे प्रमुख महिला प्रबन्धक की सहायिकाओं के रूप में घरेलू प्रबन्धन में अपने-अपने अनुकूल हाथ बटाँती हैं।
पानी की व्यवस्था में लगीं महिलाएँ
महासागरीय ज्वालामुखियों के अध्ययन भूमण्डलीय तापन की दृष्टि से जलवायु परिवर्तन को समझने में सार्थक साबित हो सकते हैं
Posted on 19 Jan, 2017 04:57 PM

इस टामू मस्सीफ महासागरीय ज्वालामुखी पर आज से बीस साल पहले अध्ययन शुरू किये गए थे। अध्ययनो

वैज्ञानिकों को मिले जलीय तंत्र में सन्तुलन बनाए रखने वाले वायरस
Posted on 11 Dec, 2018 05:52 PM


भारतीय वैज्ञानिकों ने विभिन्न जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में पाए जाने वाले वायरसों की गणना की है। राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान (एनआईओ) और गोवा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन में ताजे पानी के जल-स्रोतों और समुद्री जल में वायरस की प्रचुर मात्रा मिली है।

पृथक किए गए चार साइनोफेज वायरस
बैटरियों के कचरे से साफ हो सकेगा प्रदूषित जल
Posted on 03 Dec, 2018 05:54 PM

3 दिसम्बर, (इण्डिया साइंस वायर) : खराब हो चुकी बैटरियों का कचरा पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है। भारतीय वैज्ञानिकों ने बेकार बैटरियों में मौजूद पदार्थों के उपयोग से एक नया उत्पाद विकसित किया है, जो बैटरियों के कचरे के निपटारे के साथ-साथ प्रदूषित जल के शोधन में भी मददगार हो सकता है।

कैब मोएक के दाने
कार्यालयों के भीतर पड़ रही है वायु प्रदूषण की मार
Posted on 14 Nov, 2018 05:53 PM


नई दिल्ली: वायु प्रदूषण की मार कार्यालयों के भीतर कार्यरत कर्मचारियों पर भी पड़ रही है। एक ताजा अध्ययन में कार्यालयों के भीतर वायु प्रदूषकों की उच्च सान्द्रता का पता लगाने के बाद भारतीय शोधकर्ताओं ने यह खुलासा किया है।

सीएसआईआर
चमड़ी का कालाजार बन रहा है नई चुनौती
Posted on 27 Sep, 2018 04:49 PM

गोवा।भारतीय शोधकर्ताओं के एक ताजा अध्ययन में उन कारकों का पता चला है जो त्वचा सम्बन्धी कालाजार को खत्म करने में बाधा बने हुए हैं।
मरीज को देखते डॉ. बिप्लव पॉल
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