विज्ञान प्रसार

विज्ञान प्रसार
भूकंप
Posted on 17 Sep, 2011 12:40 PM
भूकंप प्राकृतिक आपदा का सर्वाधिक विनाशकारी रूप माना जाता है। इसके कारण व्यापक तबाही और मानव जीवन की भारी क्षति होती है। लोग भारी संख्या में हताहत होते हैं। आमतौर पर इसका प्रभाव अत्यंत व्यापक क्षेत्र में महसूस किया जाता है लेकिन इनका परिणाम कितना भी भयावह क्यों न होता हो, साथ ही यह भी सत्य है कि इनके आने की संभावना कम होती है। इसलिए भूकंप आने के बाद उसके प्रभावों का सामना करने की कार्रवाई बिना किसी
भूकंप से टूटे रास्ते
भूमिगत जल (पोस्टर)
Posted on 15 Sep, 2011 12:46 PM
भूजल, जो मृदा, रेत एवं चट्टानों की दरारों और छिद्रों में इकट्ठा रहता है। देश की पेयजल और सिंचाई की तीन चौथाई जरूरतें भूजल से ही पूरी होती है। भूजल, पृथ्वी के कुल मानव उपयोग होने वाले जल का 98 प्रतिशत है। सबसे सहज और सबसे आसानी से उपलब्ध होने वाला जल भूजल ही है।
नदियां (पोस्टर)
Posted on 15 Sep, 2011 11:55 AM
भारत कई अपवाह क्षेत्रों (River Basins) में बंटा हुआ है। गंगा, ब्रह्मपुत्र, लूनी, नर्मदा, महानदी, ताप्ती, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, सतलुज, सिंधु महत्वपूर्ण नदी घाटियां हैं। नदियों में कुल मीठे जल का 1 प्रतिशत भाग पाया जाता है, जो विभिन्न जीव-जन्तुओं और पौधों को आश्रय प्रदान करता है। कई देशों में नदियों को पवित्र मान कर पूजा जाता है। नदियां बाढ़ की समस्याएं कम करती हैं। और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति स
आर्द्र भू-क्षेत्र (पोस्टर)
Posted on 15 Sep, 2011 10:40 AM
आर्द्रता संपन्न गीली, दलदली शैवालयुक्त और एक संपन्न जैवविविधता के साथ ही झील, मैंग्रोव, प्रवाल एवं ठहरे हुए पानी वाले निकाय क्षेत्र को आर्द्र भू-क्षेत्र (Wetlands) कहते हैं। आर्द्र भू-क्षेत्र जलीय तथा शुष्क स्थलीय पारिस्थितिकीय तंत्र के बीच के क्षेत्र हैं। आर्द्र भू-क्षेत्र प्रकृति में पानी को सोखने और छानने के विशाल स्पंज हैं। ये पोषक पदार्थों की मात्रा कम करके तलछटों को हटा कर जल को शुद्ध करते ह
पानी और हमारा जीवन (पोस्टर)
Posted on 13 Sep, 2011 03:20 PM
विज्ञान प्रसार द्वारा ‘पानी और हमारा जीवन’ सिरीज में 20 पोस्टरों का एक सेट जारी किया गया है। पानी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए, पानी के बढ़ते संकट को लोगों को ध्यान में लाने के लिए यह पोस्टर सिरीज जारी की गई है। इसमें जल स्रोतों के बारे में जानकारी जलचक्र के बारे में जानकारी विभिन्न कामों में पानी का उपयोग जैसे विषयों पर पोस्टर हैं। इसके साथ ही जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने पानी शुद्धि के
पोस्टर
पर्यावरण और कीटनाशक (पोस्टर)
Posted on 13 Sep, 2011 03:11 PM
कीटनाशकों का प्रयोग भारतीय कृषि में एक आवश्यक अंग बन चुका है। पर इसका उपयोग हमें सावधानीपूर्वक और समझदारी से करना चाहिए। हर हालत में यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह होता है। कीटनाशकों का प्रयोग न केवल हमारे स्वास्थ्य बल्कि पर्यावरण पर भी घातक नुकसान पहुँचाता है।
पोस्टर
पानी के अंदर की प्रकाशिकी
Posted on 25 Apr, 2011 09:32 AM

उद्देश्य : लेंस के बाहर के माध्यम का उसकी फोकस दूरी पर प्रभाव देखना।

उपकरण : दो लेसर टॉर्च, एक लंबी ट्रे ;लगभग 30 सेन्टीमीटरध्द, 10 सेन्टीमीटर या उससे कम फोकस दूरी वाला एक उत्ताल लेंस।

पानी को ठंडा करते हुए उबालना
Posted on 25 Apr, 2011 09:22 AM

उद्देश्य : द्रव की सतह के ऊपर घटते दबाव के साथ क्वथनांक; बॉयलिंग प्वाइंट के घट जाने के तथ्य का प्रदर्शन।

उपकरण : एक हीटर, कसकर डाट लगने वाला एक शंक्वाकार फ्लास्क।

पानी पर तैरे पानी
Posted on 25 Apr, 2011 09:20 AM

भूमिका हम तरह-तरह की घटनाएँ रसोईघर में देखते हैं । जैसे कि तेल का पानी पर तैरना व एक ही प्रकार के द्रवों का एक दूसरे में मिल जाना । पानी में थोड़ा सा दूध डालने पर दूध पूरे पानी में मिश्रित हो जाता है और पूरे पानी को सफेद कर देता है । इसी प्रकार पानी से भरे गिलास में स्याही की कुछ बूँद डालने पर वह पूरे पानी को रंगीन कर देती है । लेकिन क्या ऐसा हो सकता है कि स्याही की कुछ बूँदें पानी के सि

बाह्यग्रह में जल
Posted on 17 Sep, 2010 09:45 AM
अमेरिकी खगोलवैज्ञानिकों के एक दल ने केवल 40 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित एक लाल-वामन तारे की परिक्रमा करते हुए पृथ्वी जैसे ग्रह की खोज की है जिस पर जल के महासागरों की संभावना है। यह ग्रह, जिसे ‘जीजे1214बी’ (GJ1214b) नाम दिया गया है, पृथ्वी से मात्र लगभग 2.7 गुना बड़ा और लगभग 6.5 गुना भारी है।अमेरिकी खगोलवैज्ञानिकों के एक दल ने केवल 40 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित एक लाल-वामन तारे की परिक्रमा करते हुए पृथ्वी जैसे ग्रह की खोज की है जिस पर जल के महासागरों की संभावना है। यह ग्रह, जिसे ‘जीजे1214बी’ (GJ1214b) नाम दिया गया है, पृथ्वी से मात्र लगभग 2.7 गुना बड़ा और लगभग 6.5 गुना भारी है। इसके घनत्व के आधार पर वैज्ञानिकों का विचार है कि ‘जीजे1214बी’ का लगभग तीन चैथाई भाग जल से बना है। उसमें ठोस आयरन (लोहे) और निकिल का क्रोड तथा हाइड्रोजन एवं हीलियम का वायुमंडल है। इसके खोजकर्ताओं के अनुसार ‘जीजे1214बी’ पृथ्वी की अपेक्षा अधिक गर्म है और उसका वायुमंडल हमारे वायुमंडल की अपेक्षा 10 गुना अधिक सघन है (नेचर, 17 दिसंबर 2009)।

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