नवनीत कुमार गुप्ता

नवनीत कुमार गुप्ता
राष्ट्रीय जलीय जीव : गंगा की डॉल्फिन
Posted on 22 Nov, 2016 11:06 AM

गांगेय डॉल्फिनजल में रहने वाली डॉल्फिन मनमौजी जीव है, जो कभी
संरक्षण की गुहार लगाता जंगल का राजा
Posted on 06 Nov, 2016 09:30 AM

भारतीय संस्कृति में जीव-जंतुओं को सदैव सम्मान मिला है। इस देश में विभिन्न जीव-जंतुओं का स

आओ संवारे जैवविविधता
Posted on 24 Jun, 2016 01:32 PM

जैवविविधता और इसके अन्य अंग मानव के अस्तित्व के आधार हैं। इस जैवविविधता के कारण ही हमें भोजन, ऊर्जा, दवाएं, परितांत्रित स्रोत, वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी और छह अरब से अधिक लोगों को सांस्कृतिक आधार मिलता है। जैवविविधता नष्ट होने से हमारे समाज या आर्थिक तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके सैंकड़ों उदाहरण उपस्थित हैं, कितने विस्थापन हो रहें हैं, कितने बीमार पड़ रहे हैं, कितनी भुखमरी बढ़ रही है। सं
जीवनदायी रसायन : पानी
Posted on 14 Mar, 2016 01:06 PM

पानी की विशिष्ट ऊष्मा लोहे की तुलना में लगभग दस गुना अधिक होत
जैवविविधता का स्वर्ग - आर्द्रभूमियाँ
Posted on 31 Jan, 2016 03:05 PM

विश्व आर्द्रभूमि दिवस, 2 फरवरी 2016 पर विशेष



.आर्द्रभूमि का अर्थ है नमी या दलदली क्षेत्र। आर्द्रभूमि की मिट्टी झील, नदी, विशाल तालाब के किनारे का हिस्सा होता है जहाँ भरपूर नमी पाई जाती है। इसके कई लाभ भी हैं। आर्द्रभूमि जल को प्रदूषण से मुक्त बनाती है। आर्द्रभूमि वह क्षेत्र कहलाता है जिसका सारा या थोड़ा भाग वर्ष भर जल से भरा रहता है।

भारत में आर्द्रभूमि ठंडे और शुष्क इलाकों से होकर मध्य भारत के कटिबन्धी मानसूनी इलाकों और दक्षिण के नमी वाले इलाकों तक फैली हुई है। हमारे देश में दक्षिण प्रायद्वीप में उपस्थित आर्द्रभूमि अधिकतर मानव निर्मित हैं जिन्हें ‘एरी’ यानी हौदी कहते हैं। यह एरी मानव आवश्यकताओं के लिये जल उपलब्ध कराती हैं।
संस्कृतियों की जननी-नदियाँ
Posted on 05 Jan, 2016 02:36 PM

नदीनदी प्रकृति की विशिष्ट एवं सुरम्य रचना है। प्रकृति की यह अनुप
बारिश में आपदाओं से बचाव
Posted on 20 Jul, 2013 10:24 AM
अमरीका में तड़ित झंझा की घटनाएं अधिक होती है। यहां के फ्लोरिडा शहर को ‘विश्व की तड़ित झंझा राजधानी के नाम से भी जाना जाता है। हमा
जीवन का अभिन्न अंग है महासागर
Posted on 04 Jun, 2013 03:05 PM
समुद्रों से तेल व खनिज के अनियंत्रित व अव्यवस्थित खनन एवं अन्य औद्
बड़ी कठिन है डगर पनघट की
Posted on 16 May, 2013 12:23 PM
जल संरक्षण की दिशा में कदम उठाते हुए केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2013 को ‘जल संरक्षण वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। इस दौरान पानी और जल स्त्रोतों के सरंक्षण और उसके विवेकपूर्ण इस्तेमाल के बारे में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। अभियान के द्वारा जल के महत्व एवं उसकी उपयोगिता को विभिन्न जनंसचार माध्यमों द्वारा जनमानस तक पहुंचाने के साथ ही जल संरक्षण के प्रति जागरूकता का प्रचार-
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