डाॅ. दीपक कोहली

डाॅ. दीपक कोहली
पानी : एक बड़े संकट की आहट
Posted on 09 Apr, 2020 08:30 AM

साढ़े चार अरब साल पहले धरती पर पानी आया था। जब पृथ्वी का जन्म हुआ तब यह बहुत गर्म थी। कालांतर में यह ठंडी हुई और इस पर पानी ठहरा। वर्तमान में जल संकट बहुत गहराया है। आज पानी महत्वपूर्ण व मूल्यवान वस्तु बन चुका है। शुद्ध पानी जहां अमृत है, वहीं दूषित पानी विष और महामारी का आधार। जल संसाधन संरक्षण और संवर्धन आज की जरूरत है, जिसमें जनता का सहयोग अपेक्षित है।

पानी : एक बड़े संकट की आहट
मरुस्थलीकरण : दुनिया के समक्ष बड़ी चुनौती
Posted on 07 Apr, 2020 08:03 AM

मरुस्थलीकरण जमीन के खराब होकर अनुपजाऊ हो जाने की ऐसी प्रक्रिया होती है, जिसमें जलवायु परिवर्तन तथा मानवीय गतिविधियों समेत अन्य कई कारणों से शुष्क, अर्द्ध-शुष्क और निर्जल अर्द्ध-नम इलाकों की जमीन रेगिस्तान में बदल जाती है। अतः जमीन की उत्पादन क्षमता में कमी और ह्रास होता है।

मरुस्थलीकरण : दुनिया के समक्ष बड़ी चुनौती
कोविड-19 : पारिस्थितिक तंत्र के लिए खतरा
Posted on 28 Mar, 2020 09:23 PM

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, COVID-19 का सबसे संभावित वाहक चमगादड़ है तथा इस वायरस ने मध्यवर्ती मेज़बान, जो घरेलू या जंगली जानवर हो सकता है, के माध्यम से मनुष्य में प्रवेश किया है।

कोविड-19 : पारिस्थितिक तंत्र के लिए खतरा
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